
Mumbai, Maharashtra
रणबीर कपूर बॉलीवुड के उन अभिनेताओं में शामिल हैं, जिनकी अभिनय प्रतिभा की तारीफ लगातार होती रही है। उनके अभिनय को दर्शकों के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार भी पसंद करते हैं। अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने भी रणबीर कपूर के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ की थी।
अदिति और रणबीर ने इम्तियाज अली की फिल्म ‘रॉकस्टार’ में साथ काम किया था। 2011 में रिलीज हुई इस फिल्म में रणबीर ने जॉर्डन नाम के एक महत्वाकांक्षी संगीतकार का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी और रणबीर के अभिनय को दर्शकों से काफी सराहना मिली थी।
रणबीर के अभिनय की खासियत बताई
अदिति राव हैदरी ने रणबीर की अभिनय क्षमता पर बात करते हुए बताया था कि वह अपने किरदार में पूरी तरह डूब जाने वाले कलाकार हैं। वह किसी सीन को केवल तकनीकी तरीके से पूरा नहीं करते, बल्कि किरदार की भावनाओं को समझकर उसे पर्दे पर उतारते हैं।
अदिति के अनुसार रणबीर की एक खास खूबी यह है कि वह अपने अभिनय से सामने वाले व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति पर विश्वास करने के लिए तैयार कर सकते हैं। उनकी परफॉर्मेंस में ऐसी सहजता होती है कि दर्शक किरदार को वास्तविक मानने लगते हैं।
‘रॉकस्टार’ में रणबीर के अभिनय को उनके करियर की यादगार परफॉर्मेंस में गिना जाता है। फिल्म में उनके साथ नरगिस फाखरी मुख्य भूमिका में थीं। अदिति राव हैदरी ने भी फिल्म में काम किया था।
‘रामायण’ में भगवान राम बने रणबीर
रणबीर कपूर फिलहाल अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म में वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। यह किरदार उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भगवान राम का चरित्र भारतीय दर्शकों के लिए भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
फिल्म को लेकर रणबीर के प्रशंसकों के बीच काफी उत्सुकता है। दर्शक यह जानने के लिए उत्साहित हैं कि अभिनेता इस प्रतिष्ठित किरदार को किस तरह पर्दे पर प्रस्तुत करेंगे।
रणबीर के अभिनय को लेकर अदिति की तारीफ ऐसे समय में फिर चर्चा में आई है, जब अभिनेता की आने वाली फिल्मों को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही हैं।
अदिति राव हैदरी और रणबीर कपूर का ‘रॉकस्टार’ वाला जुड़ाव भले ही पुराना हो, लेकिन अदिति की कही बातें आज भी रणबीर की अभिनय क्षमता को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। उनके मुताबिक रणबीर की सबसे बड़ी ताकत उनका किरदार में पूरी तरह उतर जाना और दर्शकों को भावनात्मक रूप से कहानी से जोड़ देना है।










