
Written by
Dilip Singh Gour Bureau

अलग-अलग समूहों में निकले भव्य जुलूस, पारंपरिक वेशभूषा, तीर-कमान और लोकधुनों ने बांधा समां
रतलाम , सैलाना, 9 अगस्त 2026। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को सैलाना नगर की सड़कों पर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। नगर में समाज के अलग-अलग समूहों द्वारा भव्य जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोकनृत्य की थाप गूंजती रही।
जुलूस में आदिवासी समाज के नेता, कर्मचारी, व्यवसायी, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। समाजजन एक-दूसरे को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते नजर आए। कई लोग पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में तीर-कमान लिए और सिर पर गमछा बांधे हुए नजर आए। वहीं युवतियां भी पारंपरिक आदिवासी परिधानों में सजकर लोकधुनों पर नृत्य करती हुई जुलूस के साथ आगे बढ़ीं।
नगर के मुख्य बाजार सहित विभिन्न मार्गों पर आदिवासी लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई देती रही। ढोल-मांदल की थाप पर समाजजन उत्साह के साथ नृत्य करते रहे। जुलूस के मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा जगह-जगह स्वागत किया गया। पुष्पवर्षा कर समाजजनों का अभिनंदन किया गया तथा विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।

इन्होंने भी दी शुभकामनाएं
पूर्व भाजपा विधायक संगीता चारेल ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर समाज के सभी भाई-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज की परंपराएं और संस्कृति आदिकाल से देश की सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न अंग रही हैं। भगवान श्रीराम और माता शबरी के स्नेह का प्रसंग आज भी समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और एकजुटता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत ने कहा कि वे स्वयं को आदिवासी समाज का अभिन्न अंग मानते हैं। उन्होंने कहा कि समाज और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को हमेशा स्नेह, सम्मान और अपनापन दिया है। इतने बड़े और स्नेहिल सामाजिक परिवार का हिस्सा होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने समाज के सभी लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।
बाप पार्टी से निर्वाचित जिला जनपद उपाध्यक्ष केशु निनामा ने कहा कि 9 अगस्त अब समाज के लिए केवल विश्व आदिवासी दिवस का अवसर नहीं रहा, बल्कि यह एक-दूसरे के करीब आने, मिलने-जुलने और आपसी रिश्तों को मजबूत करने का दिन भी बन गया है। इस अवसर पर समाज के हर वर्ग के लोगों से मिलने और उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं देने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आज समाज के अनेक लोगों से आशीर्वाद और स्नेह मिला है। उन्होंने सभी समाजजनों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास दिलाया कि वे सदैव समाज के हित और विकास के लिए तत्पर रहेंगे।
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