
Written by
Dilip Singh Gour Bureau
छात्रवृत्ति, परीक्षा में देरी और न्यायालयीन प्रकरण को लेकर विद्यार्थियों ने बताई अपनी पीड़ा
सैलाना। सैलाना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत बुधवार को सैलाना
नर्सिंग कॉलेज पहुंचे और छात्र-छात्राओं के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान विद्यार्थियों ने लंबे समय से छात्रवृत्ति नहीं मिलने, परीक्षा समय पर आयोजित नहीं होने तथा नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े न्यायालयीन प्रकरण के कारण हो रही परेशानियों से उन्हें अवगत कराया।

विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के बाद गेहलोत ने कहा, “मैं तुम्हारे दुख-दर्द को समझता हूं। तुम्हारे जीवन का महत्वपूर्ण समय अनावश्यक रूप से व्यतीत हो रहा है। जिस समय तुम्हें पढ़ाई पूरी कर अपने भविष्य की चिंता करनी चाहिए, उस समय तुम्हें इन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि नर्सिंग विद्यार्थियों को वर्ष 2021 से छात्रवृत्ति का वितरण नहीं होने की समस्या गंभीर है। वहीं अवैधानिक रूप से संचालित हो रहे नर्सिंग कॉलेजों की जांच तथा उससे संबंधित न्यायालयीन प्रकरण लंबित होने के कारण विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी निर्धारित समय-सीमा में नहीं हो पा रही हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है।
गेहलोत ने भावुक होते हुए कहा, “अगर समय पर आपकी परीक्षाएं आयोजित हो जातीं और पढ़ाई पूरी हो जाती, तो मेरे अंचल के बच्चे आज कहीं न कहीं शासकीय सेवाओं में अपना योगदान दे रहे होते। तुम्हारा समय और तुम्हारा भविष्य दोनों बेहद कीमती हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना जरूरी है। छात्रवृत्ति, परीक्षा और नर्सिंग शिक्षा से जुड़े विषयों पर शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।
इस अवसर पर गेहलोत ने आगामी 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं और छात्रों के लिए अपनी बात रखने का महत्वपूर्ण मंच है। कार्यक्रम में राहुल गांधी युवाओं से संवाद करेंगे, उन्हें मार्गदर्शन देंगे तथा छात्रों से जुड़े मुद्दों और समस्याओं को सुनेंगे।

गेहलोत ने विद्यार्थियों से कहा, “आपकी आवाज आपकी ताकत है। अपनी समस्याओं को दबाकर रखने के बजाय उन्हें उचित मंच तक पहुंचाइए। आइए, मिलकर छात्रों की आवाज को मजबूत बनाएं और ‘छात्रों की गूंज’ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।”
नर्सिंग विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और उनके साथ खड़े रहने के गेहलोत के इस संवाद को विद्यार्थियों ने भी गंभीरता से लिया। कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति और परीक्षा से जुड़ी समस्याएं विद्यार्थियों के बीच प्रमुख मुद्दा बनी रहीं।
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