
Written by
Dilip Singh Gour Bureau
सैलाना नगर परिषद सीएमओ ने पदभार संभालते ही क्यों देखा विवादित मामले की फाइल को ?

सैलाना। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा श्रीमती नीतू सिंह गोंड को नगर परिषद सैलानाका मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पदस्थ किया गया है, लेकिन अब तक उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने से नगर परिषद की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इधर, नगर परिषद सैलाना के तत्कालीन प्रभारी सीएमओ श्री मनोज शर्मा का स्थानांतरण उनके मूल पद राजस्व उप निरीक्षक के रूप में नगर परिषद राऊ (जिला इंदौर) में कर दिया गया है। इसके बाद पहले सैलाना से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित धामनोद नगर परिषद की सीएमओ को प्रभार सौंपा गया, लेकिन बाद में अचानक लगभग 20 किलोमीटर दूर पदस्थ अधिकारी को प्रभारी सीएमओ का दायित्व दिए जाने से स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि धामनोद की सीएमओ को ही प्रभार जारी रखा जाता तो वे सैलाना नगर परिषद को अधिक समय दे सकती थीं। वहीं दूरस्थ नगर परिषद से प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए जाने के निर्णय पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या वे सैलाना की प्रशासनिक आवश्यकताओं को पर्याप्त समय दे पाएंगे।
नगर में यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि नए प्रभारी द्वारा कार्यभार संभालते ही बस स्टैंड से जुड़े विवादित प्रकरण की फाइल का अवलोकन एवं संबंधित स्थल का निरीक्षण किया गया।
नगरवासियों का कहना है कि सैलाना नगर परिषद में लंबे समय से प्रभारी अधिकारियों के भरोसे प्रशासन चल रहा है। इससे विकास कार्यों की गति प्रभावित होने के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। नागरिकों ने शासन से मांग की है कि नगर परिषद सैलाना में शीघ्र नियमित एवं पूर्णकालिक सीएमओ की पदस्थापना की जाए, ताकि बिना किसी राजनीतिक या अन्य दबाव के निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित हो सके।
इसी बीच, वर्तमान प्रभारी सीएमओ श्री अनवर गोरी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं। उपलब्ध सार्वजनिक अभिलेखों के अनुसार, उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा कथित आर्थिक अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई थी तथा संबंधित आपराधिक प्रकरण सक्षम न्यायालय में विचाराधीन बताया जाता है। इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा दिया जाना शेष है।
नगर के नागरिकों का कहना है कि ऐसे समय में शासन को सैलाना नगर परिषद में शीघ्र स्थायी सीएमओ की नियुक्ति कर प्रशासनिक स्थिरता एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
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