
Chennai, Tamil Nadu
तमिलनाडु में परिसीमन के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा शनिवार, 8 अगस्त को बुलाई गई सांसदों की बैठक से डीएमके और एआईएडीएमके ने दूरी बना ली है। डीएमके सांसद कनिमोझी ने बैठक को कावेरी जल विवाद और मेकेदातु बांध जैसे अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया है।
मुख्यमंत्री विजय ने परिसीमन की प्रस्तावित प्रक्रिया पर चर्चा और राज्य की ओर से साझा रुख तय करने के लिए सांसदों की बैठक बुलाई थी। हालांकि, डीएमके के सभी 30 सांसदों ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया। मुख्य विपक्षी दल एआईएडीएमके के चार सांसद भी बैठक में शामिल नहीं होंगे।
इसके अलावा पीएमके, एमएनएम और डीएमडीके के एक-एक सांसद के भी बैठक से दूर रहने की जानकारी है। इस वजह से तमिलनाडु के कुल 57 सांसदों में से करीब 20 सांसदों के ही बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।
कनिमोझी ने बैठक के औचित्य पर उठाए सवाल
डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा और निष्पक्ष परिसीमन की मांग को लेकर पहले से स्पष्ट रुख रखती है। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठकों में इस संबंध में प्रस्ताव पहले ही पारित किए जा चुके हैं।
कनिमोझी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि परिसीमन विधेयक मौजूदा संसद सत्र में पेश या पारित किया जाएगा। उनके मुताबिक, संशोधित मसौदा विधेयक भी राजनीतिक दलों के सामने नहीं रखा गया है।
उन्होंने सवाल किया कि जब सर्वदलीय बैठकों में राजनीतिक दलों ने अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है, तो मुख्यमंत्री को फिर से बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। कनिमोझी ने इसे राजनीतिक दलों को अपना स्थापित रुख बदलने के लिए मनाने की कोशिश बताया।
मेकेदातु बांध का मुद्दा भी उठा
कनिमोझी ने मुख्यमंत्री विजय से पूछा कि यदि किसानों की चिंता वास्तव में प्राथमिकता है तो क्या राज्य सरकार के प्रतिनिधि सांसदों के साथ केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने मेकेदातु बांध के खिलाफ तमिलनाडु विधानसभा में पारित प्रस्ताव को केंद्र के सामने रखने की भी मांग की।
डीएमके लंबे समय से कावेरी जल विवाद और मेकेदातु बांध को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि इस मुद्दे को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही।
मुख्यमंत्री विजय ने क्या कहा?
शुक्रवार को विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मेकेदातु बांध का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्होंने कावेरी मुद्दे पर कर्नाटक के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव रखा है।
परिसीमन को लेकर राज्य में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद ऐसे समय सामने आए हैं, जब दक्षिणी राज्यों में लोकसभा सीटों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर संभावित प्रभाव को लेकर पहले से चिंता जताई जाती रही है। अब मुख्यमंत्री की बैठक का बहिष्कार इस मुद्दे पर तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।










