
Written by
Dilip Singh Gour Bureau
– गरोठ के सांदीपनी विद्यालय में गुरु सम्मान समारोह, गुरु-शिष्य परंपरा और राष्ट्र निर्माण पर हुआ विचार-विमर्श
गरोठ। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से संबद्ध मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की जिला शाखा की ओर से सांदीपनी विद्यालय गरोठ में गुरु सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों की सामाजिक भूमिका, भारतीय संस्कारों, नैतिक मूल्यों तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
समारोह की शुरुआत मां सरस्वती, महर्षि वेदव्यास और मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। विद्यालय के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि केशव शरण भागवत आचार्य ने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र और व्यक्तित्व को मजबूत आधार देना है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए कहा कि शिक्षक के आचरण और संस्कार का प्रभाव लंबे समय तक विद्यार्थियों के जीवन में दिखाई देता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक शुभम सिंघल ने कहा कि समाज को सही दिशा देने में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक महान व्यक्तित्वों के जीवन में उनके गुरुओं का विशेष योगदान रहा है। गुरु विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने का कार्य करता है। शिक्षक यदि अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करे तो वह आने वाली पीढ़ी के साथ पूरे समाज के निर्माण में योगदान देता है।
मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम शर्मा ने संगठन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रहित, शिक्षा हित, विद्यार्थी हित और शिक्षक हित संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने आगामी 26 अगस्त को मंदसौर में प्रस्तावित जिला शिक्षक सम्मेलन एवं सदस्यता अभियान में शिक्षकों से अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने राम-कृष्ण, स्वामी विवेकानंद, छत्रपति शिवाजी और आचार्य चाणक्य जैसे उदाहरणों के माध्यम से गुरु के मार्गदर्शन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मजबूत संस्कारों से ही जिम्मेदार नागरिक और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव भरतलाल पोपंडिया ने किया। स्वागत उद्बोधन प्राचार्य प्रवीण व्यास ने दिया। समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया गया। समारोह में जिले और विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षक, संगठन पदाधिकारी एवं शिक्षाविद मौजूद रहे।
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